Sunday, August 14, 2016

*बैंकर्स के लिए सलाह*

*बैंकर्स के लिए सलाह*
*१.*कभी भी दलालों के चक्कर में न पड़ें वो बिज़नेस दिलवाने के नाम पर धोखेबाजी करते हैं. सभी मिडिलमैन ऐसे ही होते हैं, उसमें कोई अच्छा या बुरा नहीं होता. वो पांच अच्छे प्रपोजल देगा तो दो खराब भी देगा अच्छे बनाकर और वही दो आपके लिए जान लेवा साबित होंगे।
*२.*सभी कागज़ों की अच्छे से जांच पड़ताल कर लें और संतुष्ट हो जायें. जितने भी तरीके जांच करने के हैं उतने तरीके अपनायें, उसमें कोई कोताही न बरतें।
*३.*आदमी कितना भी अच्छा बन कर आये, दोस्ती दिखाए आप तो कागजों पर ही विश्वास करो. अगर कागज़ खराब बोलते हैं तो लोन कभी मत दो।
*४.*किसी भी ऐसे आदमी या अधिकारी की राय-सलाह का कोई महत्व नहीं है जिसके हस्तक्षार उस प्रपोजल पर नहीं होते हैं.
*५.*प्रॉपर्टी की जांच पड़ताल खुद करें. वैलुअर और अधिवक्ता के लिए वो केवल एक फाइल है. आप खुद से जांच पड़ताल करें।
*६.*बैंक का पैसा उसी काम में खर्च हो जिस काम के लिए लोन दिया जा रहा है।
*७.*जो पार्टी बार बार एडहोक मांगे या बार बार लिमिट एनहान्स कराने के लिए कहे वहां सावधानी का स्तर बढ़ा दें।
*८.*जो पार्टी एक्सटर्नल रिस्क रेटिंग अवॉयड करे उससे तो एग्जिट ही हो जाये।
*९.*कोई भी सूचना कभी भी छिपाए नहीं, उच्चाधिकारियों को लिखित में बता दें।
*१०.*जान की कीमत किसी भी प्रमोशन या पोस्टिंग से अधिक है।
*यथा प्राप्ति तथा अग्रेषित. बाकि समय, काल व परिस्थितियों के आधार पर विवेकसम्मत निर्णय करो जी.*

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